पौड़ी ब्लॉक में ग्राम प्रधान संगठन को लेकर छिड़ा विवाद, डीएम तक पहुंची फर्जी हस्ताक्षर की शिकायत
1 min readपौड़ी विकासखंड में नए ग्राम प्रधान संगठन के गठन और अध्यक्ष के चयन के बाद मामला विवादों में आ गया है
पौड़ी गढ़वाल: विकासखंड पौड़ी में ग्राम प्रधान संगठन को लेकर नई बहस छिड़ गई है. बीते शुक्रवार को एक नए ग्राम प्रधान संगठन के गठन और अध्यक्ष के चयन के बाद मामला विवादों में आ गया है. इस संबंध में ग्राम प्रधान संगठन के अध्यक्ष हरिमोहन जुयाल सहित अन्य ग्राम प्रधानों ने सोमवार को जिलाधिकारी पौड़ी से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा और पूरे मामले की शिकायत की.
विकासखंड पौड़ी में ग्राम प्रधान संगठन को लेकर विवाद: ग्राम प्रधानों का आरोप है कि शुक्रवार को एक ग्राम प्रधान ने कुछ अन्य प्रधानों के साथ मिलकर ग्राम प्रधान संगठन के अध्यक्ष का चुनाव कर दिया, जो नियमसम्मत नहीं है. उनका कहना है कि कई ग्राम प्रधानों को विश्वास में लिए बिना उनके नाम मुहर और हस्ताक्षरों का कथित रूप से दुरुपयोग किया गया है. शिकायत में यह भी कहा गया है कि एक दस्तावेज पर करीब 38 हस्ताक्षर दर्ज हैं, जबकि उनमें से केवल 27 स्थानों पर ही मुहर लगी हुई है.
ग्राम प्रधान संगठन अध्यक्ष ने जिलाधिकारी से शिकायत की: ग्राम प्रधानों के अनुसार इनमें से कई मुहरें स्पष्ट नहीं हैं. वहीं एक ग्राम प्रधान ने स्वयं जिलाधिकारी के समक्ष उपस्थित होकर आरोप लगाया कि उनकी मुहर और हस्ताक्षर का भी दुरुपयोग किया गया है. ग्राम प्रधान संगठन के प्रतिनिधियों ने जिलाधिकारी से मामले की निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है. जिलाधिकारी ने ग्राम प्रधानों को आश्वासन दिया कि पूरे मामले की जांच कराई जाएगी और तथ्यों के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी.
ग्राम प्रधान संगठन के अध्यक्ष पद को लेकर विवाद: विकासखंड पौड़ी में ग्राम प्रधान संगठन के अध्यक्ष पद को लेकर विवाद गहरा गया है. ग्राम प्रधान संगठन के अध्यक्ष हरिमोहन जुयाल ने शुक्रवार को सामने आए एक नए दावे पर आपत्ति जताते हुए जिलाधिकारी पौड़ी से मुलाकात कर शिकायत दर्ज कराई है. उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ ग्राम प्रधानों से मनरेगा की समस्याओं के समाधान के नाम पर हस्ताक्षर करवाकर उन हस्ताक्षरों का कथित रूप से दुरुपयोग किया गया है.
ग्राम प्रधान संगठन के अध्यक्ष ने लगाया ये आरोप: हरिमोहन जुयाल ने बताया कि-
साल 2025 दिसम्बर में ग्राम प्रधान संगठन के चुनाव संपन्न हुए थे. चुनाव में अध्यक्ष पद के लिए चार ग्राम प्रधानों ने दावेदारी की थी. कुल 58 मतों में से उन्हें सर्वाधिक 24 मत प्राप्त हुए थे. इस आधार पर उन्हें नियमानुसार ग्राम प्रधान संगठन पौड़ी का अध्यक्ष चुना गया था. इसके बाद प्रदेश स्तर पर भी उन्हें सचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई है. शुक्रवार को उन्हें जानकारी मिली कि ग्राम प्रधान शंकर नौटियाल ने कुछ ग्राम प्रधानों से मनरेगा में आ रही समस्याओं के समाधान के संबंध में हस्ताक्षर करवाए. आरोप है कि बाद में इन्हीं हस्ताक्षरों का इस्तेमाल कर शंकर नौटियाल ने स्वयं को ग्राम प्रधान संगठन का ब्लॉक अध्यक्ष घोषित कर दिया.
-हरिमोहन जुयाल, प्रदेश सचिव, ग्राम प्रधान संगठन-
फर्जी तरीके से मोहरें लगाने का आरोप: जुयाल ने कहा कि यदि ग्राम प्रधान उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाना चाहते हैं, तो नियमानुसार प्रस्ताव रखा जाए. इसके बाद लोकतांत्रिक तरीके से दोबारा चुनाव कराया जाएं और चुनाव में जो भी प्रत्याशी जीत हासिल करे, उसे अध्यक्ष चुना जाए. उन्होंने आरोप लगाया कि ग्राम प्रधानों को पूरी जानकारी दिए बिना कोरे कागज पर उनके हस्ताक्षर और मोहर लगवाई गई, जिसका बाद में कथित रूप से दुरुपयोग किया गया.
डीएम ने कहा जांच रिपोर्ट के बाद कार्रवाई होगी: मामले को लेकर हरिमोहन जुयाल ने जिलाधिकारी पौड़ी से मुलाकात कर शिकायत दर्ज कराई. उन्होंने कुछ ग्राम प्रधानों के हस्ताक्षर और मोहर के नमूने भी जिलाधिकारी को उपलब्ध कराए हैं, ताकि मामले की जांच की जा सके. वहीं जिलाधिकारी गढ़वाल स्वाति एस भदौरिया ने बताया कि-
मामला उनके संज्ञान में आया है. उन्होंने कहा कि प्रकरण की जांच जिला पंचायत राज अधिकारी (डीपीआरओ), पौड़ी को सौंप दी गई है. डीपीआरओ की जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद मामले में नियमानुसार उचित कार्रवाई की जाएगी.
-स्वाति एस भदौरिया, जिलाधिकारी, पौड़ी गढ़वाल-