April 25, 2026

सिडकुल पंतनगर में श्रमिक कई दिन से अपनी मांगों को लेकर धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं, आज अचानक धरना प्रदर्शन उग्र हो गया

1 min read

0-0x0-0-0-{}-0-0#

सिडकुल पंतनगर में श्रमिकों का उग्र प्रदर्शन, पुलिस बल प्रयोग से कई घायल और बेहोश

0-0x0-0-0-{}-0-0#

उधम सिंह नगर: जिले के पंतनगर सिडकुल स्थित वी-गार्ड में श्रमिकों का धरना आज उग्र रूप ले बैठा. मौके पर प्रशासन और पुलिस की मौजूदगी में हालात तनावपूर्ण हो गए, जहां हल्के बल प्रयोग के बाद कई श्रमिकों के घायल और बेहोश होने की खबर है. बेहोश होने वालों में महिला श्रमिक भी हैं.

सिडकुल पंतनगर में श्रमिकों का उग्र प्रदर्शन: उधम सिंह नगर के पंतनगर सिडकुल क्षेत्र में स्थित वी-गार्ड कंपनी के बाहर चल रहा श्रमिकों का धरना उग्र हो गया. जानकारी के अनुसार, श्रमिक पिछले कई दिन से अपनी मांगों को लेकर कंपनी परिसर के बाहर प्रदर्शन कर रहे थे, जो आज अचानक तनावपूर्ण स्थिति में बदल गया. स्थिति को नियंत्रित करने के लिए मौके पर तहसीलदार दिनेश कुटेला और पंतनगर सिडकुल चौकी प्रभारी सुरेंद्र सिंह बिष्ट पहुंचे. प्रशासनिक अधिकारियों के नेतृत्व में पुलिस बल ने प्रदर्शनकारियों को कंपनी परिसर से बाहर करने की कोशिश की. इस दौरान पुलिस द्वारा हल्का बल प्रयोग किया गया, जिससे माहौल और अधिक बिगड़ गया.

पुलिस ने श्रमिकों को परिसर से बाहर करने की कोशिश की: प्रदर्शन कर रहे श्रमिकों का आरोप है कि पुलिस ने लाठीचार्ज किया, जिससे कई लोगों को चोटें आईं और कुछ श्रमिक बेहोश हो गए. घटनास्थल पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया. घायल श्रमिकों को तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया, जबकि कुछ को मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया.

पुलिस कार्रवाई में कई श्रमिक घायल और बेहोश: घटना के बाद कंपनी परिसर के बाहर हंगामा जारी है और भारी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है ताकि स्थिति को नियंत्रण में रखा जा सके. मौके पर एंबुलेंस भी पहुंची, लेकिन कई श्रमिकों ने अस्पताल जाने से इनकार कर दिया, जिससे स्थिति और जटिल हो गई.

ये है श्रमिकों की मांग: फिलहाल प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है और दोनों पक्षों के बीच बातचीत की कोशिश की जा रही है. गौरतलब है कि सिडकुल में इस समय वी-गार्ड, महाबल ऑटो इंजीनियरिंग प्राइवेट लिमिटेड और बेलाराइज जैसी कई कंपनियों में काम करने वाले श्रमिक अपनी मांगों को लेकर धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं. मजदूरों का कहना है कि उन्हें न तो समय पर बोनस मिलता है और न ही भोजन की गुणवत्ता संतोषजनक है. इसके साथ ही उनकी सबसे बड़ी मांग वेतन बढ़ाकर 20 हजार रुपये प्रतिमाह किए जाने की है.

You may have missed