अल्मोड़ा के लाट गांव में आतंक का अंत, पिंजरे में फंसा तेंदुआ, ग्रामीणों ने ली राहत की सांस
1 min readतेंदुए ने लाट गांव में आतंक मचा रखा था, कई मवेशियों को अपना शिकार बना चुका था, मंगलवार शाम ये पिंजरे में फंस गया
अल्मोड़ा: जिले के लाट गांव में लंबे समय से आतंक का पर्याय बने तेंदुए को वन विभाग ने आखिरकार पकड़ लिया है. ग्रामीणों की शिकायत के बाद लगाए गए पिंजरे में मंगलवार देर शाम तेंदुआ फंस गया. इसके बाद वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर उसका सुरक्षित रेस्क्यू किया. तेंदुए के पकड़े जाने के बाद गांव और आसपास के क्षेत्र के लोगों ने राहत की सांस ली है.
अल्मोड़ा के लाट गांव में पिंजरे में फंसा तेंदुआ: दरअसल, अल्मोड़ा के लोधिया, देवली और लाट गांव में पिछले काफी समय से तेंदुए की सक्रियता बनी हुई थी. तेंदुए के लगातार आबादी वाले क्षेत्रों के आसपास दिखाई देने से ग्रामीणों में दहशत का माहौल था. बताया जा रहा है कि तेंदुआ कई मवेशियों को अपना शिकार भी बना चुका था. इसके चलते ग्रामीण लगातार वन विभाग से तेंदुए को पकड़ने की मांग कर रहे थे.
ग्रामीणों ने ली राहत की सांस: ग्रामीणों की शिकायत और क्षेत्र में तेंदुए की बढ़ती गतिविधियों को देखते हुए वन विभाग ने कुछ दिन पहले लाट गांव में पिंजरा लगाया था. इसके बाद वन विभाग की टीम लगातार क्षेत्र की निगरानी कर रही थी. मंगलवार देर शाम तेंदुआ पिंजरे में जा फंसा. इसकी सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और तेंदुए को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया.
डीएफओ का बयान: वन विभाग के डीएफओ दीपक सिंह के मुताबिक-
तेंदुए का स्वास्थ्य परीक्षण कराया जाएगा. जांच के बाद उसकी स्थिति और विभागीय नियमों के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी. फिलहाल तेंदुए के पकड़े जाने से लाट गांव सहित आसपास के क्षेत्रों में लोगों ने राहत महसूस की है. पकड़े गए तेंदुए की उम्र करीब आठ वर्ष है.
-दीपक सिंह, डीएफओ-
वन विभाग की ग्रामीणों से अपील: ग्रामीणों का कहना है कि तेंदुए की मौजूदगी से उन्हें अपने मवेशियों और परिवार की सुरक्षा को लेकर लगातार चिंता बनी हुई थी. तेंदुए के रेस्क्यू के बाद अब लोगों को उम्मीद है कि क्षेत्र में दहशत का माहौल कम होगा. वन विभाग की टीम फिलहाल तेंदुए की निगरानी और स्वास्थ्य जांच की प्रक्रिया में जुटी है. वहीं, विभाग ने ग्रामीणों से सतर्क रहने और जंगल अथवा सुनसान क्षेत्रों में अकेले न जाने की अपील की है.