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November 6, 2026

पिरान कलियर में मेडिकल स्टोर पर एसटीएफ का छापा, अंदर का नजारा देखकर टीम के उड़े होश

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एसटीएफ देहरादून को कुर्बान अली के मेडिकल स्टोर की शिकायत मिली थी, इसके बाद उन्होंने कलियर पुलिस और ड्रग विभाग के साथ संयुक्त छापा मारा

रुड़की: हरिद्वार जिले के पिरान कलियर में नशीली दवाओं के अवैध धंधे का चौंकाने वाला मामला सामने आया है. एसटीएफ, कलियर पुलिस और ड्रग विभाग की संयुक्त टीम ने एक मेडिकल स्टोर पर छापा मारकर दो नशे के धंधेबाजों को गिरफ्तार किया है. टीम ने छापेमारी के दौरान दुकान से 1150 ट्रामाडोल कैप्सूल और प्रतिबंधित 10 कोडीन कफ सिरप भी बरामद किए हैं.

पिरान कलियर में मेडिकल स्टोर पर छापा: एसटीएफ देहरादून की टीम को सूचना मिली थी कि पिरान कलियर में सावरी नावेद टी स्टाल के सामने संचालित मोनी मेडिकल स्टोर पर नशीली दवाओं की अवैध बिक्री की जा रही है. एसटीएफ ने सूचना को गंभीरता से लेते हुए ड्रग विभाग और कलियर पुलिस के साथ संयुक्त टीम बनाई. टीम द्वारा 15 सितंबर मंगलवार के दिन मेडिकल स्टोर पर अचानक छापा मारा गया.

प्रतिबंधित कैप्सूल और कोडीन कफ सिरप बरामद: मेडिकल स्टोर पर मौजूद कुर्बान अली (उम्र 40 वर्ष) पुत्र अब्दुल मजीद, निवासी महमूदपुर और आदिल (उम्र 24) पुत्र जिंदा हसन निवासी मुकरपुर को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई. इसके बाद टीम ने जैसे ही दुकान की तलाशी ली तो काउंटर और अन्य स्थानों से कुल 1150 Puroxiwin Spas कैप्सूल और 10 Codeictus TR (Triplolidine HCl and Codeine Phosphate) सिरप बरामद हुए. मौके से 1150 कैप्सूल मिलने से टीम भी हैरान रह गई.

नशे के आदी लोगों को बेचते थे कैप्सूल और कफ सिरप: एसटीएफ निरीक्षक भवानी शंकर पंत के मुताबिक-

पूछताछ में दोनों ने बताया कि ये ट्रामाडोल कैप्सूल हैं. पकड़े जाने से बचने के लिए मूल पैकिंग और लेबल हटाकर कैप्सूल खुले में बेचे जाते थे. दोनों के पास दवाओं की खरीद-बिक्री का कोई रिकॉर्ड भी नहीं मिला. मौके पर किसी चिकित्सक का प्रिस्क्रिप्शन भी नहीं था. दोनों आरोपी नशे के आदी लोगों को ये दवाएं बेचकर मोटा मुनाफा कमाते थे.
-भवानी शंकर पंत, निरीक्षक, एसटीएफ-

दोनों ने माना नशीली दवाओं का करते हैं कारोबार: प्रारंभिक पूछताछ में दोनों के सामूहिक रूप से नशीली दवाओं के कारोबार में शामिल होने की बात भी सामने आई है. मामले में कोतवाली कलियर में एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है. दोनों आरोपियों को न्यायालय के समक्ष पेश कर दिया गया है. वहीं ड्रग्स फ्री देवभूमि अभियान के तहत एसटीएफ द्वारा नशा तस्करों के खिलाफ कठोर और निरंतर कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी.

जनता से अपील: वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसटीएफ ने आमजन से अपील की है कि नशे से दूर रहें. किसी भी प्रकार के लालच में आकर नशा तस्करी जैसे अपराध में शामिल न हों. यदि कहीं भी नशा तस्करी से संबंधित कोई सूचना मिलती है, तो तत्काल स्थानीय पुलिस स्टेशन अथवा एसटीएफ/एएनटीएफ उत्तराखण्ड से संपर्क करें.

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