Categories

September 21, 2026

उत्तराखंड: पर्वतारोहियों के पास से गुजरा भीषण एवलांच, प्रकृति के रौद्र रूप और मौत को मात देकर लौटा दल

19 सदस्यीय पर्वतारोही दल लगातार बर्फबारी, बर्फीले तूफान और हिमस्खलन की चुनौतियों को पार कर सुरक्षित अपने कैंप तक पहुंच गया है.

देहरादून: उत्तराखंड में लगातार ट्रैकिंग कर रहे लोगों के साथ हादसे हो रहे हैं. एक बार फिर ऐसी ही खबर सामने आई है, जहां एक दो नहीं पूरे 19 लोगों की जान मुश्किल में पड़ गई. जिन्होंने अपने समीप से हिमस्खलन होते देखा. लेकिन गमीमत रही कि 19 सदस्यीय पर्वतारोहण दल सकुशल बच गया. जिसके बाद मंजर सामान्य होने पर वो अपने गंतव्य की ओर रवाना हुए. वहीं पर्वतारोही दल ने प्रकृति के रौद्र रूप को नजदीकी से देखा और मौत के मुहाने से सकुशल लौटने में कामयाब रहा.

जानकारी के अनुसार उत्तराखंड के बागेश्वर जिले में हिमालय की दुर्गम चोटियों के बीच ट्रेल्स पास (5,312 मीटर) अभियान के दौरान एक भयावह हिमस्खलन की घटना घटित हुई. जिससे 19 सदस्यीय पर्वतारोहण दल दहशत में आ गया. जब उन्होंने अपनी समीप से बर्फ के विशाल गुबार को देखा दरकते देखा. देखते ही देखते पर्वत की ऊपरी ढलानों से बर्फ का बड़ा हिस्सा टूटकर गर्जना के साथ नीचे आने लगा कुछ ही क्षणों में पूरा क्षेत्र सफेद बर्फ के गुबार से पट गया.

अभियान दल ने इससे पहले बर्फीले तूफानों, गहरी हिम दरारों और लगातार हो रही भारी बर्फबारी जैसी चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों का सामना करते हुए ट्रेल्स पास को सफलतापूर्वक पार किया था. अभियान का नेतृत्व कर रहे दिनेश सिंह दानू के अनुसार पास से उतराई के दौरान मौसम पूरी तरह साफ था, लेकिन धूप तेज होने के कारण बर्फ नरम पड़ने लगी थी जिससे हिमस्खलन का खतरा बढ़ गया. अंतिम खड़ी ढलान पार करते समय नीचे मौजूद स्पोर्ट टीम ने अचानक हिमस्खलन की चेतावनी दी, जिसके बाद सभी सदस्य तत्काल सुरक्षित स्थानों की ओर दौड़ पड़े.

कुछ ही सेकेंड में विशाल हिमस्खलन अभियान दल के बेहद करीब से गुजर गया. दिनेश सिंह दानू ने बताया कि यदि टीम के निर्णय में पांच सेकेंड की भी देरी होती तो बड़ा हादसा हो सकता था. सौभाग्य से सभी पर्वतारोही सुरक्षित रहे और बाद में नंदा देवी ईस्ट बेस कैंप के रास्ते सकुशल मुनस्यारी लौट आए. यह घटना हिमालयी अभियानों में सतर्कता और त्वरित निर्णय क्षमता के महत्व को एक बार फिर उजागर करती है.

More Stories

You may have missed