March 27, 2026

समान नागरिक संहिता के पक्ष में हैं भाजपा के सहयोगी दल- सीएम पुष्‍कर सिंह धामी

1 min read

जागरण संवादी में शनिवार को उत्तराखंड के युवाओं के भविष्य के सुनहरे सपनों का मंच भी सजा। राज्य बने हुए 23 वर्ष से अधिक हो चुके हैं। इस अवधि में रोजगार, उद्यम, आजीविका की दिशा में कदम बढ़े, लेकिन अच्छी शिक्षा व स्वास्थ्य सेवा, हर हाथ को काम, पलायन के दंश से मुक्ति जैसे युवाओं के सपने पूरे करने को अभी लंबी उड़ान शेष है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने संकल्प व्यक्त किया कि सरकारी विभागों में रिक्त सभी पदों को शत-प्रतिशत भरा जाएगा। साथ में युवाओं के कौशल को निखारने के लिए इस प्रकार योजनाओं को मूर्त रूप दिया जा रहा है कि वे राज्य से बाहर जाने का इरादा ही त्याग दें। उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता को कानूनी रूप देने की पहल कर चुके मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि केंद्र में हमारे सहयोगी दल भी इस कानून को लेकर सहमत हैं। फेयरफील्ड बाय मैरियट में शनिवार को अभिव्यक्ति के उत्सव जागरण संवादी के पहले दिन मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उद्घाटन सत्र में ‘देवभूमि के युवाओं के सपने’ को लेकर अपने विचार रखे। दैनिक जागरण के राज्य संपादक कुशल कोठियाल ने युवाओं से जुड़े प्रश्नों समेत विभिन्न विषयों पर मुख्यमंत्री से संवाद किया। युवाओं के सपने और उन्हें धरातल पर उतारने की योजना को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि रोजगार हर युवा का सपना होता है। इसे पूरा करने का संकल्प सरकार ने लिया है।
पेपर लीक, नकल होने की घटनाओं ने परीक्षाओं की शुचिता और युवाओं के सपनों को चोट पहुंचाई तो सबसे पहले सख्त नकलरोधी कानून बनाने का निर्णय लिया गया। यह कानून बना तो अब पूरा देश और कई प्रदेश इसी राह पर आगे बढ़ने लगे हैं। उनके मुख्यमंत्रित्व काल के तीन वर्षों में 14,800 रिक्त सरकारी पदों पर भर्तियां हो चुकी हैं।
अब पेपर लीक नहीं हो रहे। योग्य अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र मिल रहे हैं। सरकार नकल के विरुद्ध कड़े रुख के साथ कदम उठा रही है। इसे जड़ से समाप्त करने की दिशा में ही देश का सबसे कड़ा नकलरोधी कानून बनाया गया है। इस प्रकार के मामले फास्ट ट्रेक कोर्ट में निस्तारित हों, इसके लिए प्रयास किए जाएंगे।

जनता ने बहुमत दिया तो पूरा हुआ समान नागरिक संहिता का वायदा
समान नागरिक संहिता में उत्तराखंड के चैंपियन बनने और जनता से किए गए वायदे को पूरा करने के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि विधानसभा चुनाव में समान नागरिक संहिता का वायदा जनता से किया गया था। जनता ने मिथक तोड़ते हुए दूसरी बार भारी बहुमत से भाजपा की सरकार बनाई। सरकार ने भी जनता से किया वायदा पूरा करते हुए समान नागरिक संहिता के लिए पहल की। अब तक भाजपा के सहयोगी दल भी चाहते हैं कि समान नागरिक संहिता लागू हो। भाजपा का यह संकल्प है कि पूरे देश में समान नागरिक संहिता लागू की जाए। देवभूमि से समान नागरिक संहिता की गंगा निकल चुकी है।

 

You may have missed