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September 22, 2026

हरीश रावत की वापसी पर सियासत तेज, कांग्रेस ने बताया अनुभव का लाभ, BJP बोली पार्टी ने हाशिये पर डाला

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पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के लंबे समय बाद दिल्ली से उत्तराखंड वापसी को लेकर प्रदेश में सियासत गर्मा गई है.

देहरादून: पूर्व मुख्यमंत्री व वरिष्ठ कांग्रेस नेता हरीश रावत के लंबे समय बाद दिल्ली से उत्तराखंड लौटने को लेकर सियासत गरमा गई है. देहरादून में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने हरीश रावत का जोरदार स्वागत और रोड शो निकाला. इस पर कांग्रेस और भाजपा दोनों की तरफ से प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं. भाजपा ने हरीश रावत पर तीखा हमला बोला है तो वहीं कांग्रेस नेता सपोर्ट में उतर रहे हैं.

प्रदेश कांग्रेस महासचिव नीरज त्यागी ने कहा कि हरीश रावत पार्टी के वरिष्ठ नेता हैं, जो लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे थे. लोगों के बीच उनके प्रति संवेदना और स्नेह का परिणाम है कि करीब दो महीने बाद प्रदेश लौटने पर कार्यकर्ताओं ने उनका जोरदार स्वागत किया. उन्होंने कहा कि कांग्रेस संगठन में केंद्रीय नेतृत्व की ओर से अलग-अलग नेताओं को जो जिम्मेदारियां दी गई हैं, सभी नेता अपने-अपने दायित्वों का ईमानदारी और मजबूती से निर्वहन कर रहे हैं. पार्टी प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल संगठन को मजबूत करने का काम कर रहे हैं.

वहीं चुनाव प्रबंधन की जिम्मेदारी संभाल रहे हरक सिंह रावत, चुनाव प्रचार समिति के अध्यक्ष प्रीतम सिंह, चार्ज शीट कमेटी के अध्यक्ष करण माहरा और घोषणापत्र समिति के अध्यक्ष भुवन कापड़ी समेत सभी नेता अपनी जिम्मेदारियों के अनुसार काम कर रहे हैं.उन्होंने कहा कि संगठन किसी एक व्यक्ति से नहीं, बल्कि सभी के साथ मिलकर काम करने से बनता है. उन्होंने हरीश रावत के अनुभव को कांग्रेस संगठन के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि वे पूर्व मुख्यमंत्री रहे हैं और कई बार सांसद रहे हैं, ऐसे में उनके अनुभव का लाभ पार्टी को निश्चित रूप से मिलेगा.

राजनीतिक चर्चाओं को लेकर नीरज त्यागी ने कहा कि आए दिन अलग-अलग तरह की चर्चाएं सामने आती रहती हैं. कभी मुख्यमंत्री को हटाए जाने की चर्चा होती है तो कभी प्रधानमंत्री के नाम पर दीप जलाने जैसी बातें चर्चा में रहती हैं. उन्होंने कहा कि ऐसी चर्चाओं के बजाय जनता और प्रदेश से जुड़े वास्तविक मुद्दों पर चर्चा होनी चाहिए. उन्होंने NEET परीक्षा में कथित पेपर लीक का मुद्दा उठाते हुए कहा कि उन विद्यार्थियों के भविष्य को लेकर चर्चा होनी चाहिए.

साथ ही प्रदेश की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि देहरादून में दिनदहाड़े गोली चलने की घटनाएं सामने आ रही हैं और आम नागरिकों की सुरक्षा चिंता का विषय है. उन्होंने अंकिता भंडारी हत्याकांड का भी उल्लेख करते हुए कहा कि उनकी पुण्यतिथि के अवसर पर भी न्याय की मांग उठी है और मामले में पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने पर चर्चा होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की सामाजिक और आर्थिक परिस्थितियों को बेहतर बनाने तथा प्रदेश के विकास से जुड़े मुद्दों पर गंभीर चर्चा होना जरूरी है.

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के रोड शो को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने तीखा हमला बोला है. भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता एवं वरिष्ठ विधायक विनोद चमोली ने हरीश रावत पर निशाना साधते हुए कहा कि हरीश रावत का संघर्ष कांग्रेस के साथ है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस की जो वर्तमान लीडरशिप उभर कर सामने आ रही है, वो लीडरशिप कहीं ना कहीं हरीश रावत को हाशिये पर डालने का काम कर रही है. जहां तक उनका मानना है कि केंद्र भी हरीश रावत से छुटकारा चाहता है. अंतिम बार हरीश रावत इस प्रदर्शन के माध्यम से अपनी राजनीतिक मौजूदगी को दिखाने का प्रयास कर रहे हैं. उन्होंने इसे कांग्रेस का अंदरूनी विवाद बताया है, लेकिन यह विवाद भाजपा को फायदा जरूर देगा.

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